उत्तराखंड के स्थित प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Valley of Flowers National Park) एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। हर साल की तरह इस बार भी जून की शुरुआत में इसके दरवाजे प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए खुल गए हैं।
चमोली जिले में स्थित यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और हजारों प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। मानसून के मौसम में यहाँ की घाटी फूलों से भर जाती है और सितंबर तक इसका नज़ारा अपने चरम पर होता है। ब्रह्म कमल, ब्लू पॉपी और कोबरा लिली जैसे कई दुर्लभ फूल यहाँ एक साथ खिलते हैं, जिससे पूरी घाटी एक रंगीन कालीन जैसी दिखती है।
गोविंदघाट से करीब 13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई कर घांघरिया पहुँचना होता है, और वहाँ से लगभग 3 किलोमीटर आगे इस घाटी का प्रवेश द्वार है। नियमों के अनुसार पर्यटकों को दिन में ही यहाँ रुकने की अनुमति होती है और शाम होने से पहले वापस लौटना जरूरी होता है।
समुद्र तल से लगभग 12,995 फीट की ऊँचाई पर स्थित और करीब 87.5 वर्ग किलोमीटर में फैली यह घाटी न केवल फूलों के लिए बल्कि अपने प्राकृतिक झरनों, हिमालयी बर्फीली चोटियों और दुर्लभ जैव विविधता के लिए भी प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है। हर साल 1 जून से 31 अक्टूबर तक खुलने वाली यह घाटी हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है और स्थानीय पर्यटन को भी नई ऊर्जा देती है।


