उत्तराखंड में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। कभी लापरवाही तो कभी तेज रफ्तार इन हादसों की बड़ी वजह बन रही है। ताजा मामला हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र से सामने आया है, जहां तेज रफ्तार का कहर एक मासूम की जान ले गया। इस दर्दनाक हादसे में कक्षा 6 में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा दिव्या की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, लक्सर के बहादरपुर स्थित एक निजी स्कूल से छुट्टी के बाद दिव्या अपने दादा के साथ बाइक से घर लौट रही थी। यह उनका रोज का सामान्य सफर था, लेकिन किसे पता था कि यही सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। रास्ते में एक तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दादा को मामूली चोटें आईं, जबकि दिव्या गंभीर रूप से घायल हो गई।
परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना से परिवार में मातम छा गया है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्कूल के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के बावजूद ट्रक सड़क पर कैसे दौड़ रहा था? क्या पुलिस की निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की लापरवाही के कारण ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं और कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।


