उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों और जिलों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा के चलते आगामी मानसून सीजन बेहद संवेदनशील रहेगा, इसलिए सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में काम करना होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मानसून से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश दिए।
बिजली और पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पेयजल लाइनों के रखरखाव के निर्देश दिए गए, ताकि बारिश के दौरान आपूर्ति बाधित न हो। वहीं शहरी विकास विभाग और नगर निकायों को नालों की सफाई सुनिश्चित करने तथा जलभराव रोकने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन और आरबीएम हटाने पर भी जोर दिया। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनों की तैनाती, बैली ब्रिज का पर्याप्त स्टॉक रखने और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है और मानसून के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार है।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े दीपक रावत ने कुमाऊं मंडल के लिए अतिरिक्त बैली ब्रिज उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर मुख्य सचिव ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं ललित मोहन रयाल ने गौला और नंधौर नदी में कटाव रोकने के लिए ड्रेजिंग कार्य हेतु धनराशि जारी करने की मांग की, जिस पर मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।


