उत्तराखंड के चंपावत जिले में चर्चित कथित नाबालिग गैंगरेप मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला दुष्कर्म नहीं बल्कि आपसी रंजिश के चलते रची गई साजिश था। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक कांग्रेस नेता भी शामिल है।
पुलिस ने हाल ही में आनंद सिंह महरा और बबलू राम को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इससे पहले कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।![]()
चंपावत पुलिस की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने एक नाबालिग लड़की का इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की योजना बनाई थी। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के नेतृत्व में चल रही जांच में मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में गैंगरेप के कोई प्रमाण नहीं मिले।
गौरतलब है कि 5 मई को सल्ली गांव में एक शादी समारोह के दौरान 16 वर्षीय किशोरी के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया था। लड़की एक कमरे में संदिग्ध हालत में मिली थी, जिसके बाद उसके पिता ने 6 मई को कोतवाली चंपावत में शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पुलिस को कई तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर मामला साजिश का निकला। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपियों ने पुरानी दुश्मनी के चलते पूरी कहानी तैयार की थी। बाद में किशोरी ने भी बयान बदलते हुए साजिश की बात स्वीकार कर ली।
फिलहाल पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


