हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल के मंडलायुक्त दीपक रावत ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जनता की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की। जनसुनवाई में भूमि विवाद, अवैध निर्माण, धोखाधड़ी, अतिक्रमण, पारिवारिक विवाद और प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों पर त्वरित निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त ने साफ कहा कि जनता की शिकायतों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
भवाली निवासी जितेंद्र कुमार ने डी-फार्मा करने के बाद ड्रग लाइसेंस आवेदन बार-बार निरस्त होने की शिकायत रखी। मामले पर संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने तत्काल संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद लंबित फाइल को मंजूरी मिल गई और 17 अप्रैल 2026 को लाइसेंस स्वीकृत कर दिया गया।
मंगल पड़ाव निवासी विद्यावती ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद निजी कंपनी ने पिछले दो वर्षों का वेतन नहीं दिया। इस पर आयुक्त ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कंपनी से तत्काल जवाब तलब करने और बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
रामनगर के भूमि विवाद मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने आने पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए तहसीलदार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में फर्जीवाड़ा या गलत रिकॉर्ड स्वीकार नहीं किया जाएगा और वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
आर्थिक तंगी से जूझ रही माया जोशी की बच्चों की स्कूल फीस से जुड़ी समस्या पर मंडलायुक्त ने तुरंत स्कूल प्रबंधन से वार्ता की। बातचीत के बाद फीस मामले का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली। जनसुनवाई के दौरान दीपक रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं को टालने की प्रवृत्ति किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी।


