उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का आज निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और देहरादून के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी एवं ऋतु भूषण खंडूड़ी ने की। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर फैल गई।
भुवन चंद्र खंडूड़ी को उत्तराखंड की राजनीति में ईमानदार और अनुशासित नेता के रूप में जाना जाता था। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें राजनीति में लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दिया जाता है। वाजपेयी के करीबी नेताओं में शामिल खंडूड़ी ने भाजपा में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
1999 में अटल सरकार में उन्हें सड़क परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी मिली। उनके कार्यकाल में देशभर में सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण को नई गति मिली। बेहतर सड़क नेटवर्क और हाईवे परियोजनाओं के लिए उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।
उत्तराखंड में राजनीतिक अस्थिरता और गुटबाजी के बीच भाजपा ने 2007 में उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। उन्होंने 2007 से 2009 तक राज्य की कमान संभाली। बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें हटाकर रमेश पोखरियाल निशंक को मुख्यमंत्री बनाया। हालांकि राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठने के बाद 2011 में भाजपा ने एक बार फिर खंडूड़ी पर भरोसा जताया और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया।
2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें रक्षा मामलों की संसदीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। सादगी, साफ छवि और कड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए भुवन चंद्र खंडूड़ी को हमेशा याद किया जाएगा।


