उत्तराखंड में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं के बीच नैनीताल से एक दुखद हादसा सामने आया है, जहां जंगल की आग बुझाने के दौरान वन विभाग के एक दैनिक वेतनभोगी कर्मी की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, बिड़ला चुंगी क्षेत्र के पास जंगल में आग लगने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। आग पर काबू पाने के प्रयास के दौरान बिड़ला निवासी आनंद राम पहाड़ी ढलान पर काम करते समय अचानक फिसलकर गहरी खाई में गिर गए। बताया जा रहा है कि उस समय उनके पास जरूरी सुरक्षा उपकरण जैसे फायर सूट और हेलमेट मौजूद नहीं थे।
गंभीर रूप से घायल आनंद राम को स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस के जरिए बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूर्व सभासद दीपक कुमार के अनुसार, आनंद राम घटनास्थल पर अचेत अवस्था में मिले थे।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि आग बुझाने में लगे कर्मचारियों को बुनियादी सुरक्षा उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे इस तरह के हादसे हो रहे हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं वन क्षेत्राधिकारी ललित कार्की ने मामले की जांच के आदेश देते हुए कहा कि घटना की परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है। संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


