उत्तराखंड में सोमवार सुबह बड़ा हादसा टल गया। देहरादून आईएसबीटी से यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई उत्तराखंड परिवहन निगम की रोडवेज बस के टायर में अचानक आग लग गई। टायर से धुआं उठता देख यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल बस को सड़क किनारे रोक दिया और परिचालक की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। समय रहते बस रुक जाने से बड़ा हादसा होने से बच गया।
जानकारी के अनुसार, बस संख्या यूके 07 पीए 5202 सोमवार सुबह करीब छह बजे आईएसबीटी देहरादून से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। यात्रियों के मुताबिक, बस शुरुआत से ही सामान्य गति से नहीं चल रही थी। करीब एक घंटे बाद सुबह सात बजे के आसपास शाकुंभरी चौक से थोड़ा आगे देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर पहुंचते ही बस के एक टायर से अचानक धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते टायर में आग लग गई।
बस से धुआं निकलता देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद परिचालक के साथ मिलकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जांच करने पर बस के एक टायर में आग लगी मिली। गनीमत रही कि समय रहते यात्रियों को बस से बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद रोडवेज बसों की फिटनेस जांच को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा पर बस भेजने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। टायर जैसी महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था में खराबी का सड़क पर चलते समय सामने आना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
खासकर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच अगर चालक को समय पर टायर से उठता धुआं दिखाई नहीं देता या बस रोकने में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि चालक की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद यात्रियों को कुछ समय तक सड़क पर ही दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा। बाद में देहरादून से दूसरी रोडवेज बस की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए सभी यात्रियों को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। यात्रियों ने रोडवेज प्रबंधन से बसों की फिटनेस और तकनीकी जांच को और अधिक गंभीरता से करने की मांग की है।


