उत्तराखंड सरकार जन समस्याओं के समाधान को तेज और आसान बनाने के लिए एक बार फिर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह विशेष अभियान 4 जुलाई से 15 दिनों तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा, जिसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविरों का आयोजन होगा।
इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर जनता की शिकायतों का समाधान करेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इससे पहले भी राज्य सरकार ने इस तरह का अभियान चलाया था, जिसमें 45 दिनों के भीतर 681 शिविर आयोजित किए गए थे। इन शिविरों में 5 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था और करीब 33 हजार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया था। इस पहल को बेहतर प्रशासनिक मॉडल के रूप में सराहा गया था।
अब यह अभियान मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा पखवाड़ा के तहत शुरू किया जा रहा है। 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उनका पांच साल का कार्यकाल 4 जुलाई 2026 को पूर्ण हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाएं समय पर मिलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान में सभी विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता रहेगा। सरकार का मानना है कि यह अभियान शासन और जनता के बीच दूरी को कम करेगा और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाएगा।


