उत्तराखंड में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेशभर में हो रही बारिश और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। खासकर पर्वतीय जिलों में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है, जबकि 11 मई से पूरे प्रदेश में दोबारा बारिश शुरू हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मई की शुरुआत में तापमान सामान्य से काफी कम बना हुआ है। जहां पिछले वर्षों में इन दिनों तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिलता था, वहीं इस साल मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2024 में 6 मई को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस और 7 मई को 37 डिग्री दर्ज किया गया था। उस दौरान न्यूनतम तापमान भी करीब 25 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं, 2025 में बारिश के बावजूद तापमान करीब 33 डिग्री रहा। लेकिन इस वर्ष तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से तीन से पांच डिग्री कम है।
प्रदेश में दिन के समय 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही हैं। साथ ही वातावरण में नमी का स्तर 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि 8 से 10 मई तक पर्वतीय जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। वहीं 11 से 13 मई के बीच पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नम हवाओं के कारण लगातार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में कमी आई है। उन्होंने बताया कि 11 मई से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर प्रदेशभर में देखने को मिलेगा।
वहीं आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में लू का असर हर साल समान नहीं रहता। वर्ष 2022 में प्रदेश में 13 दिन हीट वेव दर्ज की गई थी, जबकि 2024 में 46 दिनों तक लू चली। इसके विपरीत 2025 में एक भी दिन लू दर्ज नहीं हुई और इस साल भी फिलहाल मौसम ठंडा बना हुआ है।


