उत्तराखंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है जो अपने पिता की पुलिस वर्दी और पी-कैप का गलत इस्तेमाल कर लोगों पर रौब जमाने और टोल टैक्स व पार्किंग में फायदा लेने की कोशिश कर रहा था। साथ ही वह नशे की हालत में वाहन चलाते हुए भी पाया गया।
यह कार्रवाई राजधानी देहरादून जिले के मसूरी क्षेत्र में की गई। पुलिस ने यह कार्रवाई विशेष यातायात चेकिंग अभियान और “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की।
जानकारी के अनुसार, मसूरी कोतवाली क्षेत्र में लाइब्रेरी चौक पर नियमित चेकिंग के दौरान एक वैगनआर कार (नंबर यूपी-15-डीजेड-2906) को रोका गया। वाहन के डैशबोर्ड पर उत्तर प्रदेश पुलिस की पी-कैप और पीछे टंगी उपनिरीक्षक की वर्दी देखकर पुलिस को संदेह हुआ।
जांच में चालक की पहचान मेरठ निवासी विनय सिंह के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था और उसके साथ तीन अन्य लोग भी सवार थे।
युवक ने स्वीकार किया कि उसके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक हैं और वह वर्दी व पी-कैप का इस्तेमाल टोल टैक्स, पार्किंग और अन्य स्थानों पर छूट लेने के उद्देश्य से करता था। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस से माफी भी मांगी।
हालांकि, शराब पीकर वाहन चलाने और नियमों के उल्लंघन के चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया तथा वाहन को सीज कर दिया।
अभियान के दौरान पुलिस ने ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की और मौके पर ही फिल्म हटवाई। इसके अलावा सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के चालान भी किए गए और चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग यातायात बाधित करने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का कारण भी बनती है, इसलिए ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


