उत्तराखंड उच्च न्यायालय में किच्छा नगर पालिका से जुड़े चुनावी विवाद पर सुनवाई हुई है। यह मामला उधम सिंह नगर जिले के सिरौली कलां क्षेत्र से संबंधित है, जहां अब तक नगर पालिका चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है।
नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय में इस मामले पर विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव को 4 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने किच्छा नगर पालिका चुनाव से जुड़े सभी मूल दस्तावेज पेश करने का आदेश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 4 मई को होगी।
दरअसल, उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र के निवासी मोहम्मद यासीन और अन्य लोगों ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया कि वर्ष 2018 में किच्छा नगर पालिका का विस्तार किया गया था, जिसमें सिरौली कलां, बंडिया, देवरिया और आजाद नगर को शामिल किया गया।
उसी वर्ष नगर पालिका चुनाव भी हुए, जिनमें सिरौली कलां को वार्ड संख्या 18, 19 और 20 में शामिल किया गया था, जबकि कुछ हिस्सा वार्ड 17 में भी जोड़ा गया था। हालांकि बाद में इसे हटाया गया, लेकिन कोर्ट के निर्देश पर फिर से शामिल कर लिया गया।
याचिका के अनुसार, पिछले छह वर्षों से सिरौली कलां नगर पालिका का हिस्सा बना हुआ है और इस दौरान यहां लगभग 5 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके, अब इस क्षेत्र को नगर पालिका से अलग करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि सिरौली कलां को नगर पालिका में ही बनाए रखा जाए और अन्य नगर पालिकाओं की तरह यहां भी कार्यकाल समाप्त होने के बाद जल्द चुनाव कराए जाएं। फिलहाल, कार्यकाल खत्म होने के बावजूद प्रशासक के माध्यम से नगर पालिका का संचालन हो रहा है, जिससे लोगों के कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।


