उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के भीतर संगठनात्मक नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। इसे लेकर पार्टी में घमासान के साथ ही इस्तीफों की होड़ मच गई है। इसने संगठन नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। हालिया घटनाक्रम में रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ग्रामीण मंडल में मंडल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के एक साथ इस्तीफे देने से संगठन में हलचल तेज हो गई है।
मंडल महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री और सोशल मीडिया संयोजक समेत कई पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे बीजेपी जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट को भेजे हैं। इस्तीफों के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और संगठन स्तर पर डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू हो गई है।
इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने मंडल अध्यक्ष पर उपेक्षा, पक्षपात और संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रखने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें पार्टी की बैठकों, कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी तक नहीं दी जाती थी।
बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक निष्ठा से पार्टी के लिए काम करने के बावजूद कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन के कार्यक्रमों और गतिविधियों की सूचना तक उन्हें नहीं दी जाती।
वहीं मंडल महामंत्री अजय जोशी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कार्यकर्ताओं की भूमिका सिर्फ झंडे और डंडे उठाने तक सीमित रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठन में उचित सम्मान और जिम्मेदारी नहीं दी जा रही।
सोशल मीडिया संयोजक विनोद कुमार और कार्यकर्ता योगेश सेमवाल ने भी संगठनात्मक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पार्टी कार्यक्रमों और बैठकों से दूर रखा जाता था।
इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने जिला नेतृत्व से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जाएगा तो संगठन में काम करना मुश्किल होगा।
मामले को लेकर बीजेपी जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने कहा कि सभी नाराज पदाधिकारियों से बातचीत की जा रही है और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।


