आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने परखी व्यवस्थाएं
नैनीताल: जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शुक्रवार सुबह कई स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। एक के बाद एक पांच अलग-अलग घटनाओं की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।
मानसून काल में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए गुरुवार को मॉक ड्रिल किया गया। जिला आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार, सुबह 9:11 बजे सबसे पहले नैनीताल जिला मुख्यालय के आलमा कॉटेज क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा गिरने की सूचना मिली। इसके कुछ ही देर बाद बेतालघाट के बधो क्षेत्र में काली पहाड़ी से भूस्खलन होने और शहीद बलवंत मोटर मार्ग बंद होने की जानकारी प्राप्त हुई।
इसी दौरान कालाढूंगी क्षेत्र की निहाल नदी पर बना मोटर पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना भी सामने आई। वहीं हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में गौला नदी के किनारे भू-कटाव और भूस्खलन की घटना हुई, जबकि लालकुआं क्षेत्र में गौला नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से बाढ़ जैसी स्थिति बनने की सूचना मिली।
लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए जिला आपदा परिचालन केंद्र ने तत्काल **इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS)** को सक्रिय कर दिया। प्रशासन ने पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, फायर सर्विस और पेयजल विभाग की टीमों को सभी प्रभावित स्थानों पर रवाना कर दिया।
प्रशासन के अनुसार, पांचों स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्टेजिंग एरिया बनाकर संबंधित विभागों की टीमें समन्वय के साथ राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।


