उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित शुद्धीकरण को लेकर सियासी विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद उस मंच का शुद्धीकरण किया गया, जहां से उन्होंने भाषण दिया था। उन्होंने इसे दलितों के प्रति भेदभाव की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि भारत में इस तरह का भेदभाव अपराध है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस के लोग एक तरफ समानता की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ दलितों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में हुए शुद्धीकरण का मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में भी उठाया था। इसके बावजूद उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शुद्धीकरण को सही ठहराया। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर कार्रवाई की बात करनी चाहिए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी की घटना बीजेपी और आरएसएस की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी असंभव मांग को लेकर आवाज नहीं उठा रही है, बल्कि अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए न्याय की मांग कर रही है।
दरअसल, 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से उस मंच का शुद्धीकरण किया गया, जहां से खड़गे ने भाषण दिया था। न्यास का कहना था कि रामलीला मैदान का मंच सांस्कृतिक महत्व रखता है और कांग्रेस की सभा के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जो मंच की मर्यादा के अनुरूप नहीं थे। इसी वजह से शुद्धीकरण यज्ञ किए जाने की बात कही गई थी।
वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी शुद्धीकरण का समर्थन करते हुए कहा था कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारे रामलीला मैदान की मर्यादा के अनुरूप नहीं थे। ऐसे में कार्यक्रम के बाद शुद्धीकरण किए जाने में कुछ गलत नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे को बेवजह तूल देने का आरोप लगाया था। अब राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण विवाद एक बार फिर सियासी सुर्खियों में है और बीजेपी-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।


