उत्तराखंड के डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। सौरभ बहुगुणा ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) और प्रदेश के दुग्ध संघों में ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणाली का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम देहरादून स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।
इस मौके पर यूसीडीएफ और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के बीच ‘बद्री गाय घी’ और ‘पहाड़ी घी’ के विपणन को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से ‘आंचल’ ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चारा एफपीओ को सम्मानित किया गया। साथ ही हल्द्वानी क्षेत्र की तीन प्रगतिशील महिला दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये के पुरस्कार दिए गए। इसके अलावा हरिद्वार और उत्तरकाशी दुग्ध संघों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन 2.37 लाख लीटर रहा, जबकि अधिकतम 2.97 लाख लीटर प्रतिदिन दर्ज किया गया। आने वाले वर्ष के लिए 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादकों को भुगतान 14 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए और दुग्ध संघ अपने लाभ का कम से कम 20 प्रतिशत सुरक्षित रखें।
उन्होंने कहा कि ईआरपी प्रणाली लागू होने से दुग्ध उपार्जन से लेकर प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी। इससे किसानों को समय पर भुगतान, बेहतर गुणवत्ता और तकनीकी सेवाओं का लाभ मिलेगा। अगले छह महीनों में सभी दुग्ध संघों में इस प्रणाली को लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ हुए इस समझौते को उन्होंने डेयरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि इससे ‘आंचल’ ब्रांड की बाजार पहुंच बढ़ेगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इसके अलावा राज्य में पांच नए बद्री गाय ग्रोथ सेंटर स्थापित करने और सितारगंज में दुग्ध चूर्ण एवं आइसक्रीम संयंत्र लगाने की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के दौरान आइसक्रीम ई-पुश कार्ट का भी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर खजान दास सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को प्रदेश के डेयरी विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।


