उत्तराखंड में पांच नगर निकायों के चुनाव अभी लटके हुए हैं। शहरी विकास विभाग ने परिसीमन और ओबीसी आरक्षण सर्वे की सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं, लेकिन अब अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग को लेना है।
इनमें से दो निकायों के मामलों पर फिलहाल हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, जिसके कारण चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
नरेंद्रनगर नगर पालिका का चुनाव लंबे समय से अटका हुआ है। परिसीमन से पहले एक गांव को शामिल कर बाद में हटाने के फैसले के चलते विवाद पैदा हुआ था। इसी वजह से पिछले चुनाव भी समय पर नहीं हो सके। अब सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन चुनाव को लेकर अंतिम निर्णय बाकी है।
इसी तरह किच्छा नगर पालिका से जुड़े सिरौली कलां क्षेत्र को लेकर भी विवाद बना हुआ है। पहले इसे नगर पालिका में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में अलग करने का नोटिफिकेशन जारी हुआ। इस फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। मामला अभी विचाराधीन है।
दूसरी ओर ऊधमसिंह नगर में गढ़ी नेगी और चंपावत में पाटी नगर पंचायतों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन यहां भी चुनाव की तारीख तय नहीं हो पाई है।
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि जिन मामलों पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है, उन पर अदालत के फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


