उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं, ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस अलर्ट के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
इसी बीच रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और यात्रा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के जरिए यात्रा मार्गों, संवेदनशील क्षेत्रों और मौसम की निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगरानी तंत्र और सूचना प्रणाली को और मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए 24 घंटे सतर्कता जरूरी है।
डीएम ने एसओएस कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज और सटीक तरीके से किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में बिना देरी के प्रतिक्रिया दी जा सके।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। वहीं अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी चार मई तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रह सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


