हल्द्वानी में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर प्रशासन और वन विभाग अब एक्शन मोड में आ गया है। हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में सांसद अजय भट्ट की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस गंभीर समस्या पर ठोस रणनीति तैयार की गई।
बैठक में सांसद अजय भट्ट ने वन विभाग और जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए योजनाबद्ध और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि यह केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
सांसद ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। लोगों को जंगल में जाने के दौरान सतर्क रहने, समूह में जाने और निर्धारित समय का पालन करने की सलाह दी जाए।
उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पर्वतीय इलाकों में झाड़ियों का नियमित कटान किया जाए, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही कम हो सके। साथ ही जंगल जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्वनी पाटिल को निर्देशित किया गया कि वन आच्छादित गांवों में सोलर लाइट, सोलर फेंसिंग, झाड़ी कटान और चारा वितरण को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही पिंजरे और कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद नैनीताल में वर्ष 2025 के दौरान वन्यजीवों और सांप के कारण 27 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित परिवारों को विभाग द्वारा मुआवजा दिया जा चुका है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, चारा उपलब्धता और सोलर सुविधाओं को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। बैठक में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मेयर गजराज सिंह बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए और समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया।


