उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में फर्जी लोन घोटाले का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि बैंक से लोन हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज, प्रमाणपत्र और कोटेशन का इस्तेमाल किया गया था।
दरअसल, अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर निवासी और कांग्रेस सेवा दल के जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह नेगी ने 19 सितंबर 2025 को कोतवाली अल्मोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बग्वाली पोखर निवासी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील सिंह कठायत और लोअर माल रोड निवासी ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी ने उनकी फर्म ‘जय गोलू ट्रेडर्स’ के नाम का गलत इस्तेमाल करते हुए अल्मोड़ा की एक बैंक शाखा से करीब पांच लाख रुपये का ऋण लिया।
शिकायत में यह भी कहा गया था कि आरोपियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) अल्मोड़ा के नाम से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए और नकली कोटेशन बिल समेत अन्य दस्तावेज बैंक में जमा किए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की। विवेचक एसआई आनंद बल्लभ की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शिकायतकर्ता दिनेश नेगी भी इस पूरे फर्जीवाड़े और साजिश में शामिल था।
इसके बाद पुलिस ने 19 मई 2026 को दिनेश नेगी, धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी और सुनील सिंह कठायत को अल्मोड़ा से गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसएसपी अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोड़के ने बताया कि मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।


