उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जबकि सिरोबगड़ स्लाइड जोन में भारी मलबा गिरने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इसका असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है और हजारों यात्री रास्ते में फंस गए हैं।
लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। रुद्रप्रयाग के बेलनी पुल के समीप स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा का बड़ा हिस्सा नदी के उफनते पानी में डूब गया है। तेज बहाव को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है और प्रशासन ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों से नदी-नालों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि उफनती नदियों के किनारे जाकर वीडियो बनाने या सेल्फी लेने की कोशिश न करें। तेज बहाव के दौरान ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों या आपदा नियंत्रण कक्ष को देने की अपील की गई है।
श्रीनगर-रुद्रप्रयाग मार्ग पर स्थित सिरोबगड़ स्लाइड जोन में लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिर रही हैं। इसके कारण बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और हजारों श्रद्धालु व स्थानीय लोग रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
सिरोबगड़ स्लाइड जोन वर्षों से बदरीनाथ हाईवे का सबसे संवेदनशील हिस्सा बना हुआ है। हर बारिश के मौसम में यहां भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित होती है। कई परियोजनाओं और तकनीकी प्रयासों के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं मिल पाया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सड़क खोलने का काम लगातार जारी है, लेकिन पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा गिरने से राहत कार्य में बाधा आ रही है। प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और मार्ग की ताजा जानकारी लेने तथा आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


