उत्तराखंड के शहरी विकास, जलागम प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मंगलवार को भीमताल स्थित विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मंत्री ने कहा कि नैनीताल जनपद पूरे प्रदेश का वीवीआईपी जिला है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाएं ताकि आगंतुकों को बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होंने पर्यटन सीजन में ट्रैफिक जाम और पेयजल संकट न होने देने के लिए समय से वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वन विभाग को मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और वनाग्नि पर 24×7 सतर्क रहने को कहा। उन्होंने पीरूल एकत्र कर आग की घटनाओं को कम करने और महिला समूहों को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
सिंचाई विभाग को झीलों का जलस्तर बनाए रखने के लिए स्थायी समाधान खोजने के निर्देश दिए गए। वहीं कृषि और वन विभाग को मिलकर बंदर समस्या के समाधान के लिए कार्य करने को कहा गया। शिक्षा विभाग की समीक्षा में मंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और जनपद को राज्य में अग्रणी बनाने का लक्ष्य तय किया। स्वास्थ्य विभाग को दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं मजबूत करने और मुख्यमंत्री घोषणाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पर्यटन विभाग को सभी स्थलों के सौंदर्यीकरण, समान व्यू पॉइंट और साइनेज लगाने के निर्देश मिले। साथ ही अवैध होम स्टे पर कार्रवाई करने को कहा गया। जल संस्थान को गर्मियों में पेयजल संकट से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, टैंकरों की उपलब्धता और जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा सड़क सुधार, गैस आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, कृषि सुरक्षा, रोजगार सृजन और पशुपालन से जुड़े कई अहम निर्देश भी जारी किए गए। मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


