उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में विभिन्न विभागों के कुल 276 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें वन विभाग के 109, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 88, प्राविधिक शिक्षा विभाग के 65 तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के 14 अभ्यर्थी शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि जनसेवा के नए दायित्व की शुरुआत है। वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बाद मिली यह सफलता युवाओं की क्षमता और लगन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नकल और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके चलते अब चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित हो गई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी सेवाओं में अवसर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने नवचयनित कार्मिकों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जनसेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड भी “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में आधारभूत संरचना का विकास, निवेश में वृद्धि और युवाओं के लिए नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा दे रही है जिसमें घोषणा से अधिक डिलीवरी, वादों से अधिक परिणाम और राजनीति से अधिक विकास को प्राथमिकता दी जाती है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या और खजान दास सहित कई जनप्रतिनिधि, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


