उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा देते हुए विभिन्न परिषदों, समितियों और बोर्डों में नई नियुक्तियां की हैं। लंबे समय से दायित्वों का इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं को अप्रैल की शुरुआत में जिम्मेदारियां सौंप दी गईं, जिससे संगठन में उत्साह का माहौल है।
हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार और संगठन के बीच संतुलन बनाने की कवायद तेज हो गई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को 14 नेताओं को विभिन्न परिषदों में उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया, जिनमें गढ़वाल मंडल से 8 और कुमाऊं मंडल से 6 नेता शामिल हैं। गोपन सचिव शैलेश बगोली ने इन नियुक्तियों के आदेश जारी किए, जो कार्यभार ग्रहण करते ही प्रभावी होंगे।
नई नियुक्तियों में नैनीताल के ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि चम्पावत के मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद में यह जिम्मेदारी मिली है। टिहरी के विनोद सुयाल को युवा कल्याण सलाहकार परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा चम्पावत की हरिप्रिया जोशी को राज्य महिला आयोग में उपाध्यक्ष बनाया गया है। टिहरी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण को जड़ी-बूटी सलाहकार समिति में जिम्मेदारी दी गई है। काशीपुर की सीमा चौहान को मत्स्य विकास अभिकरण और अल्मोड़ा के गोविंद सिंह को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विभाग में उपाध्यक्ष बनाया गया है।
चमोली के प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग और टिहरी के खेम सिंह चौहान को राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भावना मेहरा को आवास सलाहकार परिषद में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देहरादून के चार नेताओं को भी महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं। इनमें कुलदीप बुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है। चारु कोठारी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी कल्याण परिषद, अशोक वर्मा को राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद और बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग में उपाध्यक्ष पद मिला है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ये नियुक्तियां संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं। इससे न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें शासन में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर भी मिलेगा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य बोर्ड और निगमों में भी इसी तरह की और नियुक्तियां की जा सकती हैं।


