उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने 14 मई तक राज्य के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। इसके साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि और बर्फबारी की चेतावनी भी जारी की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार14 मई तक उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज गर्जन और बिजली चमकने की संभावना रहेगी। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम के अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
इसी को देखते हुए चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में घूमने वाले पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं और सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें।
मौसम विभाग के अनुसार 14 मई के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गर्जन की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क होने लगेगा।
15 मई से राज्य के अधिकांश मैदानी जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने का अनुमान है, जिससे उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी धीरे-धीरे तेज हो जाएगी। 16 और 17 मई को ऊंचाई वाले कुछ पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रह सकती है, जबकि 18 मई तक पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह साफ रहने का अनुमान जताया गया है।


