हल्द्वानी के पास स्थित लालकुआं नगर पंचायत इन दिनों विवादों में घिर गई है। विकास कार्यों में गड़बड़ी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे नगर पंचायत में हड़कंप मच गया है।
शिकायतों में कई कामों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि डस्टबिन खरीद में करीब 3 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके लिए जरूरी टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। वहीं, कुछ साल पहले बने शौचालयों को तोड़कर दोबारा निर्माण कराए जाने पर भी लोगों ने आपत्ति जताई है। छठ पूजा स्थल के पुनर्निर्माण को लेकर भी यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह काम वास्तव में जरूरी था या नहीं।
इसके साथ ही सर्दियों में अलाव के लिए इस्तेमाल की गई लकड़ी की मात्रा और उस पर हुए खर्च को लेकर भी संदेह जताया गया है। आरोप है कि लकड़ी की खपत और भुगतान के आंकड़े सामान्य से कहीं ज्यादा हैं।
इन सभी मामलों की जांच अब सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी दस्तावेजों की जांच करने के साथ-साथ मौके पर जाकर कामों का सत्यापन भी करें।
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर पेश की जाए। यदि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


