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एक झटके में बड़े बदलाव!…कई दिग्गजों को प्रमोशन, नए चेहरों की एंट्री

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नैनीताल। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष और अधिक प्रभावी ढंग से रखने के लिए विधिक अधिकारियों की नई सूची जारी की है। नैनीताल से जारी इस अधिसूचना को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद 18 मार्च 2026 को न्याय विभाग ने आधिकारिक रूप से लागू कर दिया। नई व्यवस्था में जहां कई अनुभवी अधिवक्ताओं को पदोन्नति दी गई है, वहीं कुछ नए चेहरों को भी सरकारी पैनल में शामिल किया गया है।

नई सूची के तहत पूरन सिंह बिष्ट को मुख्य स्थायी अधिवक्ता बनाया गया है, जो पहले अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता के पद पर कार्यरत थे। इसके साथ ही पांच वरिष्ठ विधि अधिकारियों के पदों का तत्काल प्रभाव से उच्चीकरण किया गया है। गणेश कांडपाल को अपर महाधिवक्ता, जबकि राजीव सिंह बिष्ट को उप महाधिवक्ता (क्रिमिनल) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राकेश कुमार जोशी, प्रभात कांडपाल और हिमांशु सेन को पदोन्नत कर सहायक शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया गया है।

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सरकार ने पदोन्नति के अलावा 10 अन्य अधिवक्ताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। योगेश पाण्डे को उप महाधिवक्ता (सिविल) और घनश्याम जोशी को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता बनाया गया है। वहीं रंजन घिल्डियाल और भानू प्रताप मेर को स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया गया है। मनीष बिष्ट, मनोज चन्द्र भट्ट सहित छह अन्य अधिवक्ताओं को ब्रीफ होल्डर के रूप में पैनल में शामिल किया गया है।

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अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ये सभी नियुक्तियां पूरी तरह पेशेवर आधार पर की गई हैं और इन्हें स्थायी सरकारी पद नहीं माना जाएगा। राज्य सरकार को यह अधिकार रहेगा कि वह बिना पूर्व सूचना के किसी भी समय इन नियुक्तियों को समाप्त कर सकती है। वहीं अधिवक्ता भी लिखित सूचना देकर अपना अनुबंध समाप्त कर सकेंगे।

सरकार ने नियुक्त विधि अधिकारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी तय किए हैं। उन्हें अपनी नियुक्ति अवधि के दौरान राज्य के खिलाफ किसी भी न्यायालय में पैरवी करने या किसी व्यक्ति या संस्था को राज्य के विरुद्ध कानूनी सलाह देने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, सभी को विधि परामर्शी निर्देशिका का पालन करना अनिवार्य होगा।

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सरकार ने अपेक्षा जताई है कि सभी अधिवक्ता पूरी तैयारी और मजबूती के साथ अदालत में राज्य का पक्ष रखेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह भी तय किया गया है कि प्रत्येक अधिवक्ता को हर महीने अपनी कार्य-प्रदर्शन रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में महाधिवक्ता कार्यालय को सौंपनी होगी।

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हिल दर्पण डेस्क

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