उत्तराखंड शासन ने लंबे समय से चर्चा में चल रही तबादला सूची जारी कर दी है। इस आदेश के तहत आईएएस, पीसीएस और सचिवालय सेवा के कई अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। सरकार ने जिलाधिकारियों समेत विभिन्न अहम पदों पर नई तैनाती की है।
जारी सूची में छह आईएएस और चार पीसीएस अधिकारियों के साथ सचिवालय सेवा के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है।
आईएएस संजय कुमार से निदेशक सेवायोजन का प्रभार वापस लिया गया है। वर्ष 2016 बैच के आईएएस सौरभ गहरवार को अपर सचिव उद्योग के साथ निदेशक राजकीय मुद्रणालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी बैच के नरेंद्र सिंह भंडारी को अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद के साथ निदेशक सेवायोजन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
वर्ष 2017 बैच के विनोद गिरि गोस्वामी को अपर सचिव आवास के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई है।
सबसे चर्चित बदलाव रुद्रप्रयाग में हुआ है। हाल ही में जिलाधिकारी बने प्रतीक जैन को पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब प्रबंध निदेशक गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और मिशन निदेशक जल जीवन मिशन समेत अन्य परियोजनाओं की जिम्मेदारी दी गई है।
उनकी जगह वर्ष 2018 बैच के आईएएस विशाल मिश्रा को रुद्रप्रयाग का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक, मिशन निदेशक जल जीवन मिशन, परियोजना निदेशक नमामि गंगे और केएफडब्ल्यू परियोजना जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं।
पीसीएस अधिकारी गिरधारी सिंह रावत को अपर सचिव, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण और निदेशक उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
सचिवालय सेवा के सुरेश जोशी को अपर सचिव जनगणना, जबकि कविंद्र सिंह को अपर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। त्रिलोक सिंह मार्तोलिया को प्रबंध निदेशक शुगर मिल किच्छा का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
इसके अलावा, अब्ज प्रसाद वाजपेयी को सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी और कमलेश मेहता को टिहरी गढ़वाल में डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात किया गया है।
आईएएस विशाल मिश्रा अपनी नवाचारी प्रशासनिक सोच के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एचबीटीआई कानपुर से इंजीनियरिंग और आईआईटी कानपुर से जल संसाधन इंजीनियरिंग में एमटेक किया है। वे अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर जिलों में भी महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं और कोसी नदी परियोजना से जुड़े रहे हैं।


