उत्तराखंड में नाबालिग से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत पर समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में दो महिला पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है।
मामला ऊधम सिंह नगर जिले का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 मई को रुद्रपुर निवासी एक महिला अपनी नाबालिग बेटी के साथ पुलिस कार्यालय पहुंची और घटना की शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि 17 अप्रैल को यश प्रताप सिंह नामक युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई।
पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि उसने कोतवाली रुद्रपुर, कोतवाली पंतनगर और महिला हेल्प डेस्क पर कई बार शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन कहीं भी नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने जांच करवाई, जिसमें कोतवाली रुद्रपुर की महिला हेल्प डेस्क पर तैनात हेड कांस्टेबल पायल आर्या और कांस्टेबल मंजू आर्या की लापरवाही सामने आई। इसके बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी पंतनगर डीआर वर्मा को सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि महिला अपराधों के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


