उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में अनुशासन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत सामने आई अनियमितताओं और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो प्राइमरी स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों समेत एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक का है, जहां राजकीय प्राथमिक विद्यालय दोणी और सट्टा के प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में पाया गया कि दोनों शिक्षक बिना अनुमति के लंबे समय से अनुपस्थित थे और समग्र शिक्षा अभियान के तहत जारी धनराशि के उपयोग में भी गड़बड़ियां सामने आईं। वास्तविक कार्य न होने और वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया।
इसी तरह राजकीय इंटर कॉलेज दोणी के व्यायाम शिक्षक जय सिंह कठैत को भी निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। बताया गया कि उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे कथित रूप से नशे की हालत में नजर आए। निरीक्षण के दौरान उनकी अनुपस्थिति भी पाई गई, जिसके बाद विभाग ने यह कदम उठाया।
निरीक्षण अभियान के दौरान शिक्षा विभाग की टीम ने मोरी ब्लॉक के कई विद्यालयों का दौरा किया, जहां अन्य कई खामियां भी सामने आईं। एक अन्य शिक्षक के बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि एक परिचारक की लगातार अनुपस्थिति को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


