उत्तराखंड में हुए गोलीकांड के मामले में पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हरिद्वार के पंजनहेड़ी गांव में हुई इस घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कनखल थाने में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब उनके परिजन थाने पहुंचकर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाने लगे। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरुण चौहान, अभिषेक और गौरव चौहान के रूप में हुई है। गौरव चौहान भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े बताए जा रहे हैं। तीनों आरोपियों को पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर थाने से बाहर निकालते हुए कोर्ट में पेश किया।
दरअसल, 28 जनवरी को पंजनहेड़ी गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान के भाई और मामा के साथ कहासुनी के बाद फायरिंग हुई थी। गोली लगने से अमित चौहान के भाई सचिन चौहान और कृष्णपाल घायल हो गए थे, जिन्हें जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया था।
घटना के बाद मुख्य आरोपी अतुल चौहान ने उसी दिन कनखल थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने उनकी तलाश जारी रखी हुई थी और आखिरकार सोमवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को नूरपुर पंजनहेड़ी गांव में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान द्वारा की गई प्लाटिंग की जांच के लिए प्रशासन की टीम को मौके पर पहुंचना था। इसी दौरान जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में पहले मारपीट हुई और फिर फायरिंग की घटना सामने आई।
मामले में अमित चौहान ने मातृ सदन के संत ब्रह्मचारी सुधानंद समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने अतुल चौहान, तरुण चौहान, गौरव चौहान और अभिषेक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था। तरुण चौहान भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश मंत्री बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी को लेकर पहले भी विवाद और मांग उठती रही थी।
गिरफ्तारी के बाद जैसे ही पुलिस तीनों आरोपियों को कनखल थाने लेकर पहुंची, उनके परिजन भी थाने पहुंच गए और धरने पर बैठकर हंगामा करने लगे। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा और सुरक्षा घेरे में आरोपियों को थाने से निकालकर कोर्ट ले जाया गया।
इस बीच तरुण चौहान ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और अमित चौहान को भूमाफिया बताया।
मामले को लेकर सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि कोर्ट से तीनों आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज हैं और जांच जारी है।


