उत्तराखंड में मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान एक बार फिर सटीक साबित हुआ है। राज्य में अचानक मौसम बदलने से ठंड का असर दोबारा बढ़ गया है। मैदानी इलाकों में जहां बारिश हुई, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने पूरा नजारा बदल दिया। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम समेत पर्वतीय इलाकों में बर्फ से ढके पहाड़ और रास्ते बेहद मनमोहक दिखाई दे रहे हैं।

लगातार हो रही बर्फबारी के चलते ठंड में काफी इजाफा हुआ है, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े पहनने पड़े। देहरादून और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में रातभर हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार सुबह ठंडी हवाओं के चलते सर्दी का अहसास बढ़ गया और लोगों ने स्वेटर व जैकेट का सहारा लिया।
बारिश का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि कई जगहों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित रही।
मौसम विभाग के अनुसार, 13 अप्रैल तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। पहाड़ी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार से मैदानी इलाकों में मौसम कुछ हद तक शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रहने की संभावना है।
तापमान में भी उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले एक से दो दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।


