उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक आईपीएस अधिकारी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अदालत के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
मामला सीमांत पिथौरागढ़ जिले का है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत ने 7 अप्रैल को व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए पूर्व पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
अदालत के आदेश के अनुपालन में कोतवाली में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323 (मारपीट), 342 (गैरकानूनी बंधन), 355 (अपमान), 504 (उकसावे), 506 (धमकी), 392 (लूट) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है।
कोतवाल ललित मोहन जोशी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत के निर्देशों के अनुसार विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है।
पीड़ित व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी का आरोप है कि 6 फरवरी 2023 को वह अपनी बेटी के साथ पुलिस क्वार्टर में सीवरेज और बाथरूम सप्लाई लाइन की क्षति की शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उस दौरान तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की, निर्वस्त्र कर मारपीट की और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में भी की थी। जांच के बाद प्राधिकरण ने आरोपों को सही पाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति उत्तराखंड शासन गृह विभाग को भेजी थी। फिलहाल, पुलिस ने अदालत के आदेश के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।


