उत्तराखंड हाईकोर्ट में उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के सिरौलीकलां में नगर पालिका चुनाव न कराए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वे 9 अप्रैल तक यह स्पष्ट करें कि यहां चुनाव कब तक कराए जा सकते हैं और वर्तमान स्थिति क्या है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई भी 9 अप्रैल को निर्धारित की है।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब राज्य की अन्य नगर पालिकाओं में चुनाव हो चुके हैं, तो किच्छा में ऐसा क्यों नहीं किया गया। अदालत ने यह भी याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही समयबद्ध चुनाव कराने के निर्देश दे चुका है, लेकिन राज्य सरकार इनका पालन करती नहीं दिख रही है।
याचिका के अनुसार, सिरौलीकलां, बंडिया, देवरिया और आजादनगर को वर्ष 2018 में किच्छा नगर पालिका में शामिल किया गया था। उसी वर्ष हुए चुनावों में सिरौलीकलां क्षेत्र को वार्ड 18, 19 और 20 तथा आंशिक रूप से वार्ड 17 में जोड़ा गया था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया। बाद में अदालत के आदेश पर इसे फिर से नगर पालिका में शामिल किया गया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पिछले छह वर्षों से सिरौलीकलां नगर पालिका का हिस्सा है और यहां लगभग 5 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब इस क्षेत्र को नगर पालिका से अलग करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सिरौलीकलां को नगर पालिका में ही बनाए रखा जाए और अन्य नगर पालिकाओं की तरह यहां भी समय पर चुनाव कराए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक द्वारा काम संभाले जाने से क्षेत्र के कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।


