उत्तराखंड में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उठते सवालों के बीच राजधानी देहरादून में करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एक पुल की एप्रोच रोड पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। प्रेमनगर-नंदा की चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने इस पुल को 13 जुलाई को यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन महज 16 दिन बाद भारी बारिश के चलते एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया और सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद बताया कि मुख्य पुल पूरी तरह सुरक्षित है। भारी बारिश के कारण एप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी बह गई, जिसके चलते सड़क का हिस्सा धंस गया। संबंधित कार्यदायी संस्था ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी है। एप्रोच रोड के अचानक धंसने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
दरअसल, पिछले साल बरसात में टौंस नदी के तेज बहाव से इस पुल को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्निर्माण कराया गया। इसी महीने 11 जुलाई की रात तेज बहाव में ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थायी पुलिया भी बह गई थी। यातायात व्यवस्था को देखते हुए मुख्य पुल का काम तेजी से पूरा कराया गया और 13 जुलाई को इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया। अब यातायात शुरू होने के महज 16 दिन बाद एप्रोच रोड धंसने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी आशीष चौहान मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त एप्रोच वॉल व सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने तथा तीन घंटे के भीतर एप्रोच वॉल को रिस्टोर करने के निर्देश दिए। मौके पर पीडब्ल्यूडी और सीपीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता समेत अन्य अधिकारी भी पहुंचे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से क्षति की तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
डीएम आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई विभागीय अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से एप्रोच रोड की मरम्मत के साथ ही पुल और आसपास के क्षेत्र की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
उधर, भारी बारिश का असर देहरादून के अन्य हिस्सों में भी पड़ा है। जिलाधिकारी ने सौड़ा सरोली पहुंचकर पीएमजीएसवाई की बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसे जल्द खोलने के निर्देश दिए। मलबा आने से बंद हुआ थानों मार्ग भी यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। फिलहाल नंदा की चौकी के पास क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत का काम जारी है और मार्ग को सुरक्षित बनाने के बाद ही यातायात पूरी तरह बहाल किया जाएगा।


