उत्तराखंड में इन दिनों पहाड़ से लेकर मैदान तक कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
नैनीताल जिले के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा देखने को मिला। हल्द्वानी, कालाढूंगी, रामनगर, बैलपड़ाव, पिरूमदारा, प्रतापपुर समेत आसपास के इलाकों में सुबह से ही कोहरे की मोटी चादर छाई रही। कई स्थानों पर दृश्यता घटकर 40 से 50 मीटर तक रह गई, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
घने कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ा। कई जगहों पर यातायात रुक-रुक कर चलता नजर आया।
मौसम विभाग के अनुसार आज हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। उधम सिंह नगर जिले में कहीं-कहीं शीत दिवस की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी देहरादून में आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है, हालांकि सुबह के समय कुहासा छा सकता है। यहां अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 5 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मैदानी इलाकों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे वाहन चालक लाइट जलाकर आवाजाही कर रहे हैं। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों पर पाला जमने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है, हालांकि दिन में तेज धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिल रही है।
उधर, केदारनाथ धाम में लगातार बर्फबारी का दौर जारी है। भारी बर्फबारी के चलते पुनर्निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग गया है। माइनस तापमान के बावजूद आईटीबीपी के जवान धाम की सुरक्षा में डटे हुए हैं। लगातार बर्फबारी से केदारनाथ में ठंड और अधिक बढ़ गई है, जिससे कार्य करना बेहद कठिन हो गया है।


