उत्तराखंड में मानसून की सुस्ती के बाद अब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा फिर से रफ्तार पकड़ने लगी है। मौसम साफ होने के साथ ही 15 सितंबर से दोनों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते तीन दिनों में 17,995 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन किए। खास बात यह रही कि 17 सितंबर को दोनों धामों में यात्रियों की संख्या पिछले दो दिनों के मुकाबले अधिक रही।
जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। वहीं गंगोत्री धाम में भी देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंच रहे यात्रियों से रौनक लौटने लगी है। मौसम अनुकूल होने से श्रद्धालु धार्मिक यात्रा के साथ ही यात्रा मार्ग के प्राकृतिक नजारों का भी आनंद ले रहे हैं।
मानसून के दौरान बारिश, भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका के चलते दोनों धामों की यात्रा प्रभावित रही थी। इस दौरान प्रशासन की ओर से भी मौसम को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती रही। अब मौसम में सुधार के बाद यात्रा मार्ग पर फिर से चहल-पहल बढ़ने लगी है।
यात्रा मार्ग पर बहते झरने, घने जंगल और ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यात्री इन नजारों को कैमरों में कैद करते नजर आ रहे हैं। यात्रियों की बढ़ती आवाजाही का असर जानकीचट्टी और अन्य यात्रा पड़ावों पर भी दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से यात्रा से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी राहत मिलने लगी है। घोड़ा-खच्चर संचालकों, डंडी-कंडी मजदूरों, दुकानदारों, होटल और ढाबा संचालकों के साथ ही अन्य कारोबारियों को यात्रियों की बढ़ती संख्या से रोजगार की उम्मीद जगी है।
स्थानीय कारोबारियों संजयराज, रामकुमार और राजेश सेमवाल का कहना है कि फिलहाल यात्रियों की तुलना में मजदूरों की संख्या अधिक है, लेकिन आने वाले दिनों में यात्रा बढ़ने के साथ मजदूरों की आमदनी में भी सुधार की उम्मीद है। उनका कहना है कि यात्रा का सुचारू संचालन स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आंकड़ों के मुताबिक 15 सितंबर को गंगोत्री धाम में 2,782 और यमुनोत्री धाम में 2,879 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 16 सितंबर को गंगोत्री में 2,766 और यमुनोत्री में 2,687 यात्री पहुंचे। वहीं 17 सितंबर को श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी हुई। इस दिन गंगोत्री धाम में 3,242 और यमुनोत्री धाम में 3,742 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस तरह तीन दिनों में दोनों धामों में कुल 17,995 श्रद्धालु पहुंचे। मौसम अनुकूल रहने पर आने वाले दिनों में यात्रा में और तेजी आने की उम्मीद है। इससे जहां धामों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, वहीं यात्रा से जुड़े स्थानीय कारोबारियों और मजदूरों को भी सीजन के बाकी दिनों में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।


