उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। देहरादून समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को कुमाऊं के चार जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अर्नब साइक्लोन से जुड़े मौसमी सिस्टम के कारण भी वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है। हालांकि, इसका उत्तराखंड पर सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
30 अक्टूबर को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम के इस बदले मिजाज का असर पर्वतीय क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई है। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पर्यटकों और यात्रियों को पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। कुमाऊं मंडल में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।



