उत्तराखंड में सनसनीखेज घटना सामने आई है। सात दिन से लापता पुलिसकर्मी का शव खाई में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए थे। गुरुवार को चमोली जिले के कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर आईटीआई के पास गहरी खाई से उनका शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, बणसोली गांव निवासी 45 वर्षीय वीरेंद्र सिंह नेगी पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे और गोविंदघाट थाने में तैनात थे। उनकी ड्यूटी विधानसभा सत्र के लिए लगाई गई थी, लेकिन वह 23 अक्टूबर से अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद से पुलिस और परिजन उनकी तलाश कर रहे थे।
गुरुवार, 29 अक्टूबर को कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर आईटीआई के पास गहरी खाई में एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से खाई में उतरकर शव को बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा भी मौके पर पहुंचे।
घटनास्थल पर सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान के पास खाई में शव मिला, वहां सड़क किनारे पुश्ता ढहा हुआ है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग की ओर से दुर्घटना संभावित स्थान पर चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। लोगों के अनुसार, मार्ग के अन्य स्थानों पर भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। उन्होंने संबंधित विभाग से सड़क किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।



