उत्तराखंड में बारिश से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से संवेदनशील क्षेत्रों में खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को सात जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक नैनीताल, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।
अगले तीन घंटे भी मौसम रहेगा खराब
मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश तथा कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी है। मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
केदारनाथ हाईवे पर मलबा, यात्रा प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। रुद्रप्रयाग जिले में मलबा आने से केदारनाथ राजमार्ग बाधित हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल विभिन्न पड़ावों पर रोक दिया है। प्रशासन की ओर से मार्ग की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और रास्ता सुरक्षित होने के बाद ही यात्रियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
पहाड़ों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर मलबा आने से संपर्क मार्ग बाधित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं।


