उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर में आयोजित ‘मातृ संस्कार समागम’ में प्रदेश की मातृशक्ति का अभिनंदन किया और उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि “मजबूत परिवार, मजबूत राष्ट्र”—मातृसंस्कार और संस्कारों से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन और संस्कारों की पूंजी पर आधारित है। उन्होंने कहा कि परिवार ही समाज की मूल इकाई है और माताएँ अपने घर की सांस्कृतिक धुरी हैं, जो बच्चों को सम्मान, सहयोग और राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाती हैं। उन्होंने संस्कारों और संयुक्त परिवार व्यवस्था को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताते हुए आधुनिक जीवन और परंपरा के संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास और धर्मग्रंथों के उदाहरण देते हुए मातृसंस्कारों की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि माता द्वारा दिए गए संस्कार व्यक्ति के चरित्र, नैतिकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का आधार बनते हैं। उन्होंने ‘कुटुंब प्रबोधन’ को समय की मांग बताते हुए कहा कि यह बच्चों के लिए पहला विद्यालय है, जहां से राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक तैयार होते हैं।
इस अवसर पर श्रीमती गीता धामी ने सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि माताएँ बच्चों को संवेदनशील, सहयोगी और समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक बनाती हैं। उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि संवाद और सेवा को अपनी दिनचर्या में बनाए रखें।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सप्त मातृ शक्ति सम्मान के तहत 7 महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। आयोजन में विश्वमांगल्य सभा के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से आई माताएँ और महिलाएँ उपस्थित रहीं।


