उत्तराखंड में उस समय सनसनी फैल गई, जब 11 दिन से लापता 35 वर्षीय युवक प्रमोद कुमार का कंकाल जंगल से बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से कंकाल के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए, जबकि अन्य अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, प्रमोद कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मंडावर थाना क्षेत्र का रहने वाला था। वह हरियाणा निवासी टिंकू संजय कुमार के हरिद्वार जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित शेरपुर बेला गांव में खेत पर मजदूरी करता था और वहीं रहता था। 17 जून को वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 19 जून को मंडावर थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी गई। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामले में समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
बताया जा रहा है कि शेरपुर बेला गांव की बंगाली बस्ती के कुछ लोग जंगल में लकड़ी बीनने गए थे। इसी दौरान उन्हें एक नरकंकाल दिखाई दिया, जिसकी सूचना ग्रामीणों और पुलिस को दी गई। सूचना पर लक्सर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी, गोवर्धनपुर चौकी प्रभारी सूरत शर्मा और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने कुछ लोगों पर प्रमोद की हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने कंकाल के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लक्सर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि करीब 11 दिन पहले शेरपुर बेला गांव के एक युवक के लापता होने की सूचना मिली थी, जिसकी गुमशुदगी मंडावर थाने में दर्ज कराई गई थी। जंगल से मिले नरकंकाल की पहचान परिजनों ने उसकी पैंट के आधार पर प्रमोद कुमार के रूप में की है। उन्होंने कहा कि कंकाल के कुछ हिस्सों के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।


