उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उच्चतर न्यायिक सेवा संवर्ग के 35 न्यायिक अधिकारियों को बड़ी सौगात देते हुए उन्हें ‘सिलेक्शन ग्रेड’ प्रदान किया है। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली-2004 के नियम 27 के तहत अधिकारियों को ₹1,63,030 से ₹2,19,090 (जे-6) वेतनमान का लाभ देने की मंजूरी दी है। अधिकांश अधिकारियों को यह लाभ वर्ष 2020 से प्रभावी माना जाएगा, हालांकि प्रत्येक अधिकारी के लिए प्रभावी तिथि अलग-अलग निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को उनके नाम के सामने अंकित तिथि से सिलेक्शन ग्रेड का लाभ मिलेगा। इस फैसले से जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, पारिवारिक न्यायालयों के प्रधान न्यायाधीशों तथा विभिन्न सरकारी एवं न्यायिक संस्थाओं में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों को लाभ पहुंचेगा।
लाभ प्राप्त करने वाले अधिकारियों में विजयांत कुमार (पीठासीन अधिकारी, औद्योगिक न्यायाधिकरण एवं श्रम न्यायालय, हल्द्वानी), गुरुबख्श सिंह (अध्यक्ष, वाणिज्यिक कर न्यायाधिकरण, देहरादून), धर्म सिंह (जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पौड़ी), सुबीर कुमार (रजिस्ट्रार सतर्कता, उत्तराखंड हाईकोर्ट), नीतू जोशी (अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत, हरिद्वार), विंध्याचल सिंह (जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चमोली) और मनीष मिश्रा (प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, उधम सिंह नगर) प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा पंकज तोमर, सुशील तोमर, राहुल गर्ग, नीना अग्रवाल, बृजेंद्र सिंह और कंवर अमनिंदर सिंह समेत कई अन्य न्यायिक अधिकारियों को भी सिलेक्शन ग्रेड का लाभ दिया गया है। सूची में भारत भूषण पांडेय, अरविंद कुमार, सायन सिंह, मोनिका मित्तल और नीलम रात्रा जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
हाईकोर्ट के इस निर्णय को न्यायिक अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे उनकी सेवा शर्तों और वेतनमान में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


