उत्तराखंड में मंगलवार को कांग्रेस के “परिवर्तन संकल्प सम्मेलन” के दौरान बड़ा राजनीतिक विवाद हो गया। कार्यक्रम में उस समय तनाव बढ़ गया जब पिथौरागढ़ में जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी के भाषण में पार्टी के स्थानीय मुद्दों और निकाय चुनाव को लेकर की गई टिप्पणियों को विधायक मयूख महर पर अप्रत्यक्ष हमला माना गया।
इस पर विधायक मंच पर ही नाराज हो गए। हालात तब और बिगड़ गए जब जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पंत ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन बहस और बढ़ गई। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल स्थिति संभालने मंच पर पहुंचे, लेकिन तब तक विधायक मयूख महर अपने समर्थकों के साथ सभागार छोड़ चुके थे।
विधायक के बाहर जाते ही उनके समर्थकों ने भी सभागार छोड़ दिया और इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने “मयूख महर मुर्दाबाद” के नारे लगाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। बाद में स्थिति को नियंत्रित किया गया।
बाहर आकर विधायक मयूख महर ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ मंच पर राजनीतिक साजिश के तहत माहौल बनाया गया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई, इसलिए उन्होंने सम्मेलन का बहिष्कार किया।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने घटना को गंभीर विवाद मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं के बीच गलतफहमी का परिणाम है और स्थिति को जल्द सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अपने संगठनात्मक कार्यक्रम जारी रखेगी।
हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए महेन्द्र सिंह लुंठी, दीपक लुंठी और भावना नगरकोटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भावना नगरकोटी को पद से हटाते हुए जिला महिला कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।


