उत्तराखंड में तबादलों का दौर लगातार जारी है। प्रशासनिक महकमे से लेकर विभिन्न विभागों तक बड़े स्तर पर फेरबदल किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वन विभाग ने भी व्यापक स्तर पर तबादले करते हुए फील्ड कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। खास बात यह है कि इस बार तबादला प्रक्रिया में वन कर्मियों की व्यक्तिगत जरूरतों और उनकी पसंद को भी प्राथमिकता देने की कोशिश की गई है।
वन विभाग में लंबे समय से बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने गृह जनपद या उसके आसपास तैनाती की मांग करते रहे हैं। हालांकि अब तक सभी कर्मचारियों की इच्छानुसार पोस्टिंग देना संभव नहीं हो पाया था। इस बार विभाग ने विस्तृत स्तर पर होमवर्क करते हुए तबादला प्रक्रिया को अधिक संतुलित और कर्मचारी हितैषी बनाने का प्रयास किया।
वन मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार 110 वन आरक्षियों के तबादले किए गए हैं। इसके अलावा 47 वन दरोगाओं को भी नई तैनाती दी गई है। वहीं कुछ उपवन क्षेत्राधिकारियों के स्थानांतरण भी किए गए हैं, हालांकि उनकी संख्या सीमित रखी गई है। विभाग ने हाल ही में भर्ती हुए रेंजर्स की पोस्टिंग को लेकर भी आदेश जारी किए हैं।
वन विभाग में कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत थे, जबकि अनेक वनकर्मी लंबे समय से अपने गृह क्षेत्र के निकट तैनाती की मांग कर रहे थे। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्वेच्छा आधारित तबादलों को प्राथमिकता दी और अधिक से अधिक कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार तैनाती देने की कोशिश की।
वन मुख्यालय द्वारा करीब 180 फील्ड कर्मचारियों की तबादला सूची जारी किए जाने के साथ ही सीसीएफ गढ़वाल कार्यालय ने भी गढ़वाल क्षेत्र के कर्मचारियों के तबादलों की अलग सूची जारी की है। माना जा रहा है कि इस बार की व्यापक तबादला प्रक्रिया से उन वन कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन अब तक उनके नाम तबादला सूची में शामिल नहीं हो पा रहे थे।


