उत्तराखण्ड एक्सीडेंट गढ़वाल देहरादून

बेकाबू बस ने मचाया कहर…कई लोगों को मारी टक्कर, मची चीख-पुकार

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में एक बार फिर तेज रफ्तार की त्रासदी देखने को मिली है। चमोली जिले के जोशीमठ में शनिवार देर रात पैनखंडा महोत्सव से लौट रही बस अनियंत्रित होकर रविग्राम के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में कुल 7 लोग घायल हुए हैं।

दुर्घटना में दो युवक, शिवम बिष्ट और सिद्धार्थ पंवार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एक घायले को तत्काल देहरादून रेफर कर दिया गया। वहीं, पांच अन्य घायल मामूली चोटों के साथ सुरक्षित रहे और रात ही प्राथमिक उपचार के बाद घर लौट गए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में तबादला नीति में बड़ा बदलाव!... कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत

थाना प्रभारी डीएस रावत ने बताया कि बस महोत्सव समिति द्वारा दूर-दराज से आए लोगों को छोड़ने के लिए चलायी जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस के ब्रेक फेल होने से यह दुर्घटनाग्रस्त हुई। वहीं, मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ड्राइवर लापरवाही से वाहन चला रहा था। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी...यहां इस हालत में मिला महिला का शव

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर गौतम कुमार ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो लोगों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में