उत्तराखण्ड कुमाऊं गढ़वाल देहरादून मौसम हिल दर्पण

उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न… तीन दिन तक बिगड़ेगा मिजाज

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाला एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है। इसके चलते राज्य के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।

यह भी पढ़ें 👉  डिजिटल पुलिसिंग का दम...साइबर ठगों पर कसा शिकंजा, रिकॉर्ड समय में पीड़ितों को मिली राहत

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 8 फरवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ राज्य में प्रवेश करेगा, जिसके प्रभाव से ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। ऊंची चोटियों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया कि 9 फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 3000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में फिर बरसेंगे बादल!...मूसलाधार बारिश की चेतावनी, इन जिलों में स्कूल बंद

10 फरवरी को भी इन जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बहुत हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

यही नहीं, 11 फरवरी को भी मौसम खराब बना रह सकता है। इस दिन भी उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में