उत्तराखंड में मानसून की बारिश अब परेशानी का कारण बनती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन और मलबा गिरने से कई मार्ग बंद हो गए हैं, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नैनीताल जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई है।
नैनीताल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण जिले में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने से पांच राज्य मार्ग और 18 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें बंद रास्तों को खोलने में जुटी हुई हैं।
जिले में प्रभावित प्रमुख मार्गों में खुटानी-भवाली-धानाचुली, रानीबाग-भीमताल-खुटानी-पदमपुरी, गर्जिया-बेतालघाट-खैरना और रामनगर-भंडारपानी-अमगढ़ी मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों पर आवाजाही बहाल करने के लिए मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
बारिश के कारण जिले में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक मवेशी की भी जान गई है। हालांकि प्रशासन के अनुसार अभी तक किसी बड़े भवन के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं नौकुचियाताल और हैड़ाखान क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसे बहाल करने के लिए ऊर्जा विभाग की टीमें काम कर रही हैं।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चमोली जिले में फरासू स्लाइड जोन के पास पत्थर गिरने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है। वहीं उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी, धरासू घाट और नगुण के पास भूस्खलन के कारण प्रभावित है।
नगुण क्षेत्र में लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सीमा सड़क संगठन की टीमें मौके पर पहुंचकर मार्ग खोलने में जुटी हैं। दूसरी ओर यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास और टिहरी के सुवाखोली मोटर मार्ग पर रोतु की वैली क्षेत्र में यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि नाकुरी ग्रामीण मोटर मार्ग अभी भी बंद है।
बारिश का असर हरिद्वार और रुड़की में भी देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की अपील की है।


