उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रदेशभर में 71 सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कें बंद होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, एक अप्रैल से अब तक प्रदेश में बारिश और अन्य आपदा संबंधी घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं। विभिन्न विभाग बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
इसके अलावा कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बारिश का सबसे अधिक असर पंतनगर में देखने को मिला, जहां 114 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 से 12 जुलाई तक पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि 14 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


