हल्द्वानी। गर्दन के दर्द से परेशान 24 वर्षीय महिला की हकीम के यहां इलाज के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मालिश करने के बाद हकीम ने महिला की गर्दन को जोर से हिलाया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन उसे बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी संबंधित दुकान का निरीक्षण कर मामले से जुड़े तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
पिथौरागढ़ निवासी रामचंद्र दमुवाढूंगा क्षेत्र में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी मीनाक्षी की गर्दन में करीब चार-पांच माह से दर्द था और उसका उपचार सुशीला तिवारी अस्पताल में चल रहा था। शनिवार को वह लोगों के कहने पर मीनाक्षी को कालाढूंगी रोड स्थित हकीम के पास इलाज कराने ले गए। रामचंद्र के अनुसार हकीम ने पहले गर्दन की मालिश की और फिर उसे जोर से हिलाया। इसके बाद मीनाक्षी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे बेस अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के अभिलेख में महिला को ‘ब्रॉट डेड’ दर्ज किया गया है।
घटना की सूचना मिलने पर सीएमओ नैनीताल डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कालाढूंगी रोड स्थित गुरुद्वारे के पास नईम पहलवान की दुकान का निरीक्षण किया। टीम के पहुंचने पर दुकान बंद मिली। विभाग के अनुसार संबंधित व्यक्ति के खिलाफ बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के उपचार करने की शिकायत भी सामने आई है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ बेस अस्पताल पहुंचकर महिला की मौत से संबंधित चिकित्सकीय जानकारी और अभिलेख जुटाए हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हल्द्वानी डॉ. रजत भट्ट के निर्देश पर भी मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि जांच के बाद उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने जिले में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के उपचार करने वाले लोगों और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।


